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एलियंस एक रहस्य ( भाग 2)
क्या एलियंस है? क्या यह किसी दूसरे ग्रह पर रहते हैं ?चांद, तारे, मंगल ग्रह ,परलोक वासी भी कहते हैं। इस पर बहुत दिनों से रिसर्च चल रही है ।यह चर्चा का विषय है वैज्ञानिक इसको अलग ढंग से देखते हैं । हिंदुस्तान के ग्रंथों में कुछ चीजों का अलग तरह से उल्लेख किया गया है बहुत से ग्रंथ में कहा गया है कि कई तरह के लोग होते थे ।देवलोक पीतरलोक ,पृथ्वी लोक पाताल लोक। , अलग अलग होते थे ।और इसमें एक से दूसरे लोक में जाने के लिए उनके विचार , सोच , उम्र ,कार्य ,सब बदल जाते थे । हमारे देश में वैज्ञानिक अब तक खोज कर रहे हैं क्योंकि जो पहले श्लोक , चालीसा ग्रंथ, में जो लिखा है वह उनके बहुत गहरे अर्थ अब पता चल रहे हैं जो कि संस्कृत में दिए गए थे। हनुमान जी के बारे में भी उनकी चालीसा में सब कुछ विवरण है ,सूर्य से पृथ्वी तक की दूरी सब ऐसे उदाहरण हमें देखने को मिलते हैं । जैसे इनमें नाग ,यक्ष ,गंधर्व ,किरात , विद्याधर ,ऋक्ष, ...
कनक (भाग-1)
मीशू ने सुबह न्यूज पेपर उठाने के लिये दरवाजा खोला ,सामने देखा तो सामने का दरवाजा खुला था, चलो कोई पडोस मे तो आया । रोहन चलो मिल आये मीशू ने रोहन को कहा, रोहन ने कहा मीशू अभी अभी आये है सामान बिखरा हुआ है कल चलेगें । क्या रोहन बैठेगें नही केवल कुछ औपचारिकता तो निभानी चाहिये , नये नये है कुछ चाय, पानी चाहिये हुआ तो...चलो ना ,हाथ पकड कर ले जाने लगी अच्छा ठीक है रोहन ने कहा...चलो पर थोडी देर के लिये।सामने डोर बैल की ,एक मीशू की हम उम्र ने दरवाजा खोला , कौन है एक पीछे से तेजी से आवाज ...हम है आपके पडोसी मीशू ने भी तुरंत कहा और एक छोटी सी मुस्कुराहट , सामने हम उम्र सी दिखने वाली शिफान की साडी को पल्ला कमर मे दबाये ,पसीने से लथपथ ,एक छोटी सी मुस्कुराहट से कहा आईये अंदर मै कनक हूँँ, तभी जा तू काम कर ,एक बुजुर्ग महिला आती हुई बोली । कनक घबराकर अंदर चली गयी। आओ अंदर आओ ..मेरा बेटा राघव और उसके पिता जी बाहर गये है।,नही नही बस रोहन ने कहा आप...

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